– डॉ.समरेन्द्र पाठक (वरिष्ट पत्रकार)
नयी दिल्ली ।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज कहा कि प्रकृति एक माँ की तरह हमारा पोषण करती है और हमें इसका सम्मान और संरक्षण करना चाहिए।
श्रीमती मुर्मू यहां पर्यावरण –2025’ पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन के बाद सहभागियों को संबोधित कर रही थी।
राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण से जुड़े सभी दिवस यह संदेश देते हैं, कि हमें इनके उद्देश्यों और कार्यक्रमों को प्रतिदिन ध्यान में रखना चाहिए और जहां तक संभव हो इन्हें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण की विरासत देना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इसके लिए हमें पर्यावरण के प्रति जागरूक और संवेदनशील जीवनशैली अपनानी होगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा मानना है, कि विकास की भारतीय विरासत का आधार पोषण है, शोषण नहीं; संरक्षण है, उन्मूलन नहीं। इसी परंपरा का पालन करते हुए हम विकसित भारत की ओर आगे बढ़ना चाहते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हमारे देश के पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने पर्यावरण न्याय या जलवायु न्याय के क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाई है।